- मल्हार नगर: नगर के मवेशियों की सुरक्षा और उनके लिए चारे की व्यवस्था को लेकर जनप्रतिनिधियों और पार्षदों की असंवेदनशीलता सामने आई है। मल्हार नगर में आयोजित एक महत्वपूर्ण किसान बैठक में यह स्पष्ट निर्णय लिया गया था कि नगर के सभी मवेशियों की सुरक्षा और उनके चारे के प्रबंध के लिए हर वार्ड से सहयोग राशि जुटाई जाएगी। बैठक में सभी वार्ड के पार्षदों और जनप्रतिनिधियों से विनम्र अनुरोध किया गया था कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय होकर इस पुनीत कार्य के लिए सहयोग राशि इकट्ठा करें और मदद का हाथ बढ़ाएं।
लेकिन, बैठक के फैसलों और किसानों की इस गंभीर अपील को जनप्रतिनिधियों ने पूरी तरह से ठंडे बस्ते में डाल दिया है। निर्णय के कई दिन बीत जाने के बाद भी अब तक किसी भी वार्ड के पार्षद या जनप्रतिनिधि ने अपने वार्ड से सहयोग राशि जुटाकर किसानों की मदद नहीं की है। वादों से मुकरे जनप्रतिनिधि, संकट में मवेशी
बेसहारा मवेशियों की सुरक्षा एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। चारे (पैरा)की कमी के कारण मवेशी मजबूर हैं। इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए किसानों ने पहल की थी और जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदारी सौंपी थी। मगर ज़मीनी हकीकत यह है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करने वाले नेता और पार्षद अब मवेशियों की सुरक्षा जैसे गंभीर और संवेदनशील मुद्दे पर पूरी तरह मौन साधे हुए हैं।
जनप्रतिनिधियों के इस असहयोगात्मक और उदासीन रवैये के कारण किसानों की मददगार राजू तिवारी का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधि अपने वार्डों में जनता को जागरूक कर सहयोग राशि एकत्रित करने में नाकाम रहते हैं या जानबूझकर इस फैसले से मुंह मोड़ते हैं, तो आने वाले दिनों में सभी मवेशियों को कड़ा कदम उठाते हुए छोडने पर मजबूर होना पड़ेगा। राजू तिवारी का कहना है कि मवेशियों की सुरक्षा सिर्फ कुछ लोगों का ही नही, बल्कि पूरे नगर की किसानों व जनप्रतिनिधियों जिम्मेदारी है, और इसमें पार्षदों को नेतृत्व करना चाहिए था। अब देखना यह होगा कि इस समाचार के सामने आने के बाद क्या मल्हार नगर के जनप्रतिनिधि जागते हैं या मवेशियों की सुरक्षा का यह मुद्दा यूँ ही अधर में लटका रहता है।
