गणेशदत्त राजू तिवारी कि रिपोर्ट
मल्हार। लेखन के माध्यम से सामाजिक चेतना जागृत करने और ऐतिहासिक व पौराणिक नगरी मल्हार की पहचान को संजोने वाले युवा लेखक राजेश पांडे को उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया है। राजेश पांडे मल्हार पर किताबें लिखने के साथ-साथ यहाँ आने वाले पर्यटकों का विशेष सहयोग और मार्गदर्शन करने के लिए जाने जाते हैं।
घर में संजोया है पुरातत्व धरोहरों का अनूठा संग्रहालय
राजेश पांडे के घर में पुरातत्व के ऐतिहासिक धरोहरों का एक अद्भुत संग्रह है। उन्होंने अपने निवास स्थान पर ही प्राचीन पत्थर की मूर्तियों का एक अनूठा संग्रहालय (म्यूजियम) बना रखा है, जहाँ चारों ओर बिखरी हुई ऐतिहासिक मूर्तियां और प्राचीन शिलालेख भारतीय संस्कृति के गौरवमयी इतिहास की कहानी बयां करते हैं। मल्हार आने वाले पर्यटकों के लिए उनका यह निजी संग्रह हमेशा से विशेष आकर्षण का केंद्र रहा है।
स्थापना दिवस पर मिला सम्मान
बिलासपुर के उद्योग भवन में आयोजित ‘साथी संदेश’ के आठवें स्थापना दिवस एवं प्रतिभा सम्मान समारोह में राजेश पांडे को उनके इस सराहनीय योगदान और धरोहरों के संरक्षण के लिए मंच पर सम्मानित किया गया।
‘पत्रकारिता: कल, आज और कल’ पर विचार गोष्ठी
इस गरिमामय समारोह के दौरान ‘पत्रकारिता: कल, आज और कल’ विषय पर एक विचार गोष्ठी का भी आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में उपस्थित प्रबुद्धजनों ने:
- पत्रकारिता के बदलते स्वरूप पर प्रकाश डाला।
- जन सरोकार और मीडिया की विश्वसनीयता को लेकर अपनी बात रखी।
- लोकतंत्र में पत्रकारों की जिम्मेदारी और उनकी भूमिका पर गहन चर्चा की।
समारोह में ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के पूर्व जज जस्टिस चंद्रभूषण बाजपेयी, पूर्व विधायक शैलेष पांडेय, और योग आयोग के पूर्व सदस्य रविंद्र सिंह सहित क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक और पत्रकार उपस्थित रहे।
