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संविधान की रक्षा कांग्रेस का प्रथम दायित्व – अशोक राजवाल

AICC अनुसूचित जाति विभाग की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में संगठन की मजबूती, सामाजिक न्याय और वंचितों के अधिकारों पर हुआ मंथन

    गणेनदत्त राजू तिवारी कि रिपोर्ट

नई दिल्ली। इंदिरा भवन स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) मुख्यालय में अनुसूचित जाति विभाग की नेशनल एग्जीक्यूटिव मीटिंग राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री राजेन्द्र पाल गौतम के नेतृत्व में संपन्न हुई। बैठक में विभिन्न राज्यों के राष्ट्रीय समन्वयकों एवं प्रदेश अध्यक्षों ने हिस्सा लिया। इस दौरान संगठन को मजबूत बनाने, सामाजिक न्याय की स्थापना, दलित समाज के अधिकारों की रक्षा तथा आगामी राजनीतिक एवं संगठनात्मक रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में छत्तीसगढ़ के प्रभारी सुनील कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि राहुल गांधी जी के आह्वान पर दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में लाखों लोगों की ऐतिहासिक जनभागीदारी देखने को मिली। यह भागीदारी लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के प्रति आम जनता की जागरूकता और प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति विभाग के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अशोक राजवाल ने प्रदेश से पहुंचे कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी की जानकारी दी। उन्होंने विगत दिनों में प्रदेश में आयोजित बैठकों एवं संगठनात्मक कार्यक्रमों की गतिविधियों का भी विवरण प्रस्तुत किया।

अशोक राजवाल ने कहा कि संविधान की रक्षा करना हमारा प्रथम दायित्व है। लोकतंत्र की मजबूती, सामाजिक समानता और वंचित वर्गों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता पूरी प्रतिबद्धता के साथ संघर्ष करेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में जल्द ही संगठनात्मक विस्तार के लिए दौरा किया जाएगा। इस दौरान सक्रिय, समर्पित एवं योग्य कार्यकर्ताओं की सूची तैयार कर प्रदेश कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा, ताकि एक मजबूत और सक्रिय टीम के माध्यम से पार्टी की विचारधारा तथा संविधान की रक्षा की लड़ाई को जन-जन तक पहुंचाया जा सके।

बैठक के समापन अवसर पर उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने सामाजिक न्याय की स्थापना, संविधान की रक्षा और वंचित एवं शोषित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई को और अधिक मजबूती से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

बैठक को संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे अनुसूचित जाति विभाग को राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर पर नई दिशा देने तथा संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने की रणनीति को गति मिलने की उम्मीद है।

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