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नदियों की रेत से पहाड़ों के पत्थर तक, बेलतरा की प्राकृतिक संपदा पर संकट: अंकित गौरहा

भिलमी में बिना अनुमति पत्थर खदान संचालन की शिकायत पर खनिज विभाग ने की जांच, मुरुम के अवैध उत्खनन में जेसीबी और ट्रैक्टर जब्त

बिलासपुर। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में प्राकृतिक संपदा के अवैध उत्खनन का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। रेत, मुरुम और मिट्टी के उत्खनन को लेकर उठती शिकायतों के बीच अब पत्थरों के पहाड़ों के दोहन का मामला भी सामने आया है। ग्राम पंचायत भिलमी में बिना विभागीय अनुमति पत्थर खदान संचालित होने की शिकायत पर खनिज विभाग ने जांच की है। इस मामले को लेकर कांग्रेस नेता एवं पूर्व जिला पंचायत सभापति अंकित गौरहा ने पूरे बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में खनिज उत्खनन की व्यापक जांच कराने की मांग की है।

भिलमी में पत्थर खदान संचालन की शिकायत

सीएम हेल्पलाइन में शिकायतकर्ता देवेंद्र सिंह ने 21 अक्टूबर 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी कि ग्राम पंचायत भिलमी में बिना विभागीय अनुमति पत्थर खदान का संचालन किया जा रहा है। शिकायत के आधार पर खनिज निरीक्षक ने 28 अक्टूबर को मौके पर पहुंचकर जांच की। कलेक्टर कार्यालय की खनिज शाखा द्वारा 29 अक्टूबर 2026 को जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि ग्राम एवं ग्राम पंचायत भिलमी में पत्थर खदान संचालन की कोई विभागीय अनुमति जारी नहीं की गई है।

अवैध मुरुम उत्खनन में जेसीबी और ट्रैक्टर जब्त

खनिज विभाग के दस्तावेजों के अनुसार, 23 अक्टूबर को ग्राम भिलमी में निरीक्षण के दौरान अवैध रूप से मुरुम उत्खनन करते पाए जाने पर एक जेसीबी मशीन और एक ट्रैक्टर जब्त किया गया। दोनों वाहनों को पुलिस थाना रतनपुर की अभिरक्षा में रखा गया है।

विभागीय पत्र में ग्राम भाड़ी, तहसील बेलतरा में दिनेश सिंह एवं मेसर्स अग्रहरि इंटरप्राइजेज को खनिज मिट्टी/मुरुम हटाने की अनुमति दिए जाने का भी उल्लेख है, जिसकी अवधि समाप्त हो चुकी थी। खनिज विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 एवं खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 के तहत कार्रवाई की जा रही है।

प्रशासन की कार्रवाई के बीच जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर सवाल

सीएम हेल्पलाइन में शिकायत के बाद खनिज विभाग की जांच और वाहनों की जब्ती से प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। हालांकि, क्षेत्र में लगातार सामने आ रही अवैध उत्खनन की शिकायतों के बीच स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला से क्षेत्र की जनता यह जानना चाहती है कि प्राकृतिक संपदा के संरक्षण और अवैध उत्खनन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

पूरे बेलतरा में हो खदानों और उत्खनन स्थलों की जांच: अंकित गौरहा

कांग्रेस नेता एवं पूर्व जिला पंचायत सभापति अंकित गौरहा ने कहा कि भिलमी का मामला केवल एक गांव तक सीमित नहीं रहना चाहिए। पूरे बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में संचालित पत्थर खदानों, रेत घाटों और मुरुम-मिट्टी उत्खनन स्थलों की व्यापक जांच कराई जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर उत्खनन की अनुमति दी गई है, वहां भी स्वीकृत क्षेत्र, निर्धारित मात्रा और नियमों के पालन की जांच होनी चाहिए। बिना अनुमति उत्खनन पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

गौरहा ने कहा कि प्राकृतिक पहाड़, नदियां, जमीन और खनिज संपदा किसी एक व्यक्ति या संस्था की निजी संपत्ति नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की धरोहर हैं। इनके संरक्षण की जिम्मेदारी शासन, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों सभी की है।

उन्होंने कहा कि बेलतरा को विकास चाहिए, लेकिन अपनी प्राकृतिक संपदा की कीमत पर नहीं। जनता को बड़े-बड़े दावों के बजाय खनिज संपदा की सुरक्षा और जवाबदेह व्यवस्था चाहिए।

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