गणेशदत्त राजू तिवारी कि खास रिपोर्ट
माँ डिड़िनेश्वरी देवी की असीम कृपा से सात दिवसीय भागवत कथा का हुआ मंगलारंभ, आचार्य देव नारायण पाण्डेय जी के श्रीमुख से श्रद्धालु करेंगे भगवान की लीलाओं का श्रवण
मल्हार। धर्मनगरी मल्हार के इमलीपारा स्थित नंद महल चौक में आदिशक्ति माँ डिड़िनेश्वरी देवी की असीम कृपा एवं भगवान श्रीहरि के आशीर्वाद से संगीतमय श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ का शनिवार, 31 अक्टूबर को विधिवत शुभारंभ हुआ। सात दिवसीय इस धार्मिक आयोजन के प्रथम दिन नगर में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास का अनुपम वातावरण देखने को मिला। कथा के शुभारंभ अवसर पर निकाली गई भव्य कलश एवं शोभायात्रा में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।

माँ डिड़िनेश्वरी मंदिर से निकली भव्य शोभायात्रा
श्रीमद्भागवत कथा के मंगलारंभ पर सर्वप्रथम माँ डिड़िनेश्वरी मंदिर परिसर में भागवत भगवान एवं वेदव्यास जी की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इसके पश्चात श्रद्धा और भक्ति के साथ कलश एवं शोभायात्रा निकाली गई। धार्मिक वातावरण, भजन-कीर्तन और जयकारों के बीच निकली शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए भगवान पातालेश्वर मंदिर पहुंची। यहां दर्शन एवं पूजन के पश्चात यात्रा कथा स्थल नंद महल चौक पहुंचकर संपन्न हुई।
कथा स्थल पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वेदी पूजन, भागवत भगवान का पूजन-अर्चन एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया गया। इसके साथ ही श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ का विधिवत शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीहरि के जयकारे लगाते हुए क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की कामना की।

भागवत महापुराण की महिमा का किया वर्णन
कथा के प्रथम दिवस कथावाचक आचार्य देव नारायण पाण्डेय जी ने श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करने वाला आध्यात्मिक मार्गदर्शन है। इसके श्रवण और मनन से मनुष्य को भक्ति, ज्ञान, वैराग्य तथा सदाचार की प्रेरणा मिलती है।
उन्होंने भगवान के प्रति अटूट श्रद्धा, जीवन में अच्छे कर्मों के महत्व और सच्ची भक्ति के भाव को विस्तार से समझाया। कथा एवं संगीतमय भजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, अध्यात्म और ईश्वर भक्ति से जुड़ने का संदेश दिया गया। कथा श्रवण के दौरान उपस्थित श्रद्धालु भक्तिरस में भावविभोर नजर आए।
सात दिनों तक होगा भगवान की विभिन्न लीलाओं का संगीतमय वर्णन
आयोजन के अंतर्गत आगामी सात दिनों तक श्रीमद्भागवत महापुराण के विभिन्न प्रसंगों का संगीतमय वर्णन किया जाएगा। इसमें भक्त ध्रुव की अटूट भक्ति, भगवान वामन के अवतार, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, बाल लीलाओं, गोवर्धन पूजा, रुक्मणी विवाह और भगवान श्रीकृष्ण के परम भक्त सुदामा के चरित्र का वर्णन प्रमुख रहेगा।
कथा के अंतिम दिवस तुलसी वर्षा, हवन, कपिला कथा, तर्पण, सहस्त्रधारा एवं पूर्णाहुति के साथ धार्मिक अनुष्ठान का समापन होगा।
आयोजकों ने समस्त नगरवासियों, धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में कथा स्थल पहुंचकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने की अपील की है। आयोजकों का कहना है कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना जागृत करने के साथ ही आपसी प्रेम, सद्भाव, सामाजिक समरसता और संस्कारों को मजबूत बनाने का माध्यम बनते हैं।
सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का कार्यक्रम
- 31 अक्टूबर, शनिवार: कलश यात्रा एवं वेदी पूजन।
- 1 नवंबर, रविवार: ध्रुव चरित्र।
- 2 नवंबर, सोमवार: वामन चरित्र एवं श्रीकृष्ण जन्मोत्सव।
- 3 नवंबर, मंगलवार: बाल चरित्र एवं गोवर्धन पूजन।
- 4 नवंबर, बुधवार: रुक्मणी विवाह।
- 5 नवंबर, गुरुवार: सुदामा चरित्र एवं भागवत चढ़ोत्री।
- 6 नवंबर, शुक्रवार: तुलसी वर्षा, हवन एवं कपिला कथा, तर्पण, सहस्त्रधारा तथा पूर्णाहुति।
कथा स्थल: नंद महल चौक, इमलीपारा, नगर पंचायत मल्हार।
कथावाचक: आचार्य देव नारायण पाण्डेय जी।
आयोजक एवं संपर्क: निलेश – 8517877076, अमित – 7987637214।
श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के शुभारंभ के साथ ही धर्मनगरी मल्हार में सात दिनों तक भक्ति और अध्यात्म की अविरल धारा प्रवाहित होगी। यह आयोजन श्रद्धालुओं को भगवान की भक्ति से जोड़ने के साथ ही धर्म, संस्कार और सद्भाव का संदेश भी देगा।
