संपादक गणेशदत्त राजू तिवारी कि रिपोर्ट
मल्हार (बिलासपुर):मल्हार नगर पंचायत स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में मचे हड़कंप और अव्यवस्था के बीच जिला अधिकारी (कलेक्टर) के निर्देश पर एक उच्च स्तरीय जांच टीम स्कूल पहुंची है। पिछले कुछ समय से स्कूल के माहौल और कार्यप्रणाली को लेकर मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला अधिकारी ने इस जांच के आदेश दिए थे।
छात्रों ने कलेक्टर व डीईओ से की थी शिकायत
विवाद की शुरुआत तब हुई जब विद्यालय से कक्षा 9वीं से12वीं तक के छात्र छात्राओं ने मोर्चा खोलते हुए बिलासपुर कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी से लिखित शिकायत की थी, छात्रों का आरोप है कि स्कूल में शिक्षकों द्वारा खुद पढाने के बजाए छात्रों से उत्तर पुस्तिका जांच कराई जाती है इसके अलावा अतिरिक्त फीस वसूली जा रही है और विरोध करने पर परीक्षा में फेल करने व नंबर काटने की धमकियां दी जाती है, छात्राओं ने प्राचार्य वेद प्रकाश शुक्ला और कुछ स्टाप पर गाली गलौच, मानसिक प्रताडना और एक्सपायरी सैनिटरी पैड देने से जैसे जैसे बेहद गंभीर आरोप भी लगाए
हर पहलू की बारीकी से जांच
मौके पर पहुंची जांच टीम ने स्कूल के परिसर, कक्षाओं, और प्रशासनिक कार्यालयों का सघन निरीक्षण किया। टीम के अधिकारियों ने स्कूल के माहौल का जायजा लेते हुए बारीकी से सभी पहलुओं की जांच की। जांच के दौरान न केवल स्कूल के दस्तावेज़ों और हाज़िरी रजिस्टर को खंगाला गया, बल्कि स्कूल के शैक्षणिक स्तर और वहां व्याप्त व्यवस्थाओं पर भी सवाल-जवाब किए गए।
सभी पक्षों से पूछताछ, बिगड़े माहौल पर लिया संज्ञान
जांच टीम ने स्कूल के प्राचार्य, शिक्षकों और अन्य स्टाफ से अलग-अलग पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए हैं। इसके साथ ही, निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए टीम ने कुछ छात्रों और स्थानीय अभिभावकों से भी बात की। पिछले कुछ दिनों से स्कूल के भीतर बिगड़े माहौल और अनुशासनहीनता की खबरों पर टीम ने कड़ा संज्ञान लिया है। अधिकारियों का कहना है कि स्कूल में पढ़ाई का माहौल बहाल करना उनकी पहली प्राथमिकता है।
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
जांच दल के नेतृत्व कर रहे अधिकारी ने बताया कि निरीक्षण की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर सीधे जिला अधिकारी को सौंपी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासकीय संस्थान की गरिमा और बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर लापरवाही बरतने वाले या माहौल खराब करने वाले ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक व अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस औचक जांच के बाद से स्कूल स्टाफ और स्थानीय शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
