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मल्हार स्कूल विवाद: जांच के दौरान बाहरी असामाजिक तत्वों का हंगामा,मस्तूरी TI के निर्देश पर मल्हार चौकी प्रभारी ने संभाला मोर्चा , सुरक्षा के बीच दर्ज हुए छात्र-छात्राओं के बयान

संवादाता : गणेशदत्त राजू तिवारी कि खास रिपोर्ट

मल्हार (बिलासपुर)
बिलासपुर जिले के नगर पंचायत मल्हार स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में उस समय भारी हंगामा और तनाव की स्थिति निर्मित हो गई, जब छात्र-छात्राओं की गंभीर शिकायतों की जांच करने पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यवाही में बाहरी असामाजिक तत्वों द्वारा व्यवधान डालने का प्रयास किया गया,हालांकि, पुलिस की त्वरित मुस्तैदी और जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के कड़े रुख के कारण जांच प्रभावित नहीं हो सकी।
DEO संदीप पांडेय ने दिए कड़े निर्देश
इस पूरे घटनाक्रम पर स्वतः संज्ञान लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी संदीप पांडेय ने दो टूक शब्दों में कहा है कि स्कूल में बच्चों द्वारा की गई शिकायतों की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी। किसी भी प्रकार का बाहरी दबाव या व्यवधान स्वीकार नहीं किया जाएगा। DEO संदीप पांडेय द्वारा जांच टीम को निर्देशित किया गया है कि वे बिना किसी डर के निष्पक्षता से बच्चों और स्टाफ के बयान दर्ज करे!
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जांच रिपोर्ट में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई तो होगी ही, साथ ही शासकीय कार्य में बाधा डालने और स्कूल का माहौल खराब करने वाले बाहरी असामाजिक तत्वों को भी बख्शा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ भी नियमानुसार कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

मस्तूरी पुलिस ने संभाला मोर्चा

इससे पहले, जब स्कूल परिसर में बाहरी तत्वों द्वारा हंगामा किए जाने की सूचना मिली, तो पुलिस प्रशासन तुरंत एक्शन में आया। मस्तूरी थाना प्रभारी (TI) कपिल चंद्रा के दिशानिर्देश पर मल्हार चौकी प्रभारी अवधेश सिंह तत्काल पुलिस बल के साथ स्कूल पहुंचे। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए हंगामा कर रहे बाहरी तत्वों को खदेड़ा और परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को अपने हाथ में लिया। पुलिस के कड़े रुख के बाद माहौल शांत हुआ और अधिकारियों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी जांच आगे बढ़ाई।

क्या था मूल विवाद ?
गौरतलब है कि बीते दिनों मल्हार सरकारी स्कूल के छात्र-छात्राओं ने कलेक्ट्रेट और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्राचार्य वेद प्रकाश शुक्ला और कुछ शिक्षकों के खिलाफ मोर्चा खोला था। छात्राओं ने अधिक फीस वसूली, छात्राओं से बोर्ड परीक्षा की कॉपियां जांचवाने, एक्सपायर्ड सेनेटरी पैड देने और शिक्षकों द्वारा मानसिक प्रताड़ना व अभद्र व्यवहार जैसे 12 से अधिक गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए DEO संदीप पांडेय ने तीन प्राचार्यों की एक उच्च स्तरीय समिति गठित कर मामले की जांच के आदेश दिए थे!

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