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मल्हार में दशहरा की धूम: पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ हुआ जवारा विसर्जन, रावण दहन में उमड़ा जनसैलाब *गणेशदत्त राजू तिवारी की रिपोर्ट*

मल्हार। ऐतिहासिक नगरी मल्हार में विजयदशमी का पावन पर्व अत्यंत उत्साह, श्रद्धा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। नौ दिनों की कठिन साधना और भक्ति के बाद शारदीय नवरात्रि के समापन पर क्षेत्र में भव्य जवारा विसर्जन और माता दुर्गा की प्रतिमाओं की विसर्जन रैली निकाली गई, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

बाजे-गाजे के साथ हुआ जवारा विसर्जन

मल्हार के वार्ड क्रमांक 9, रामफल कांत मोहल्ला में स्थापित किए गए जवारा का विसर्जन दशहरा के शुभ अवसर पर किया गया। नौ दिनों तक सेवा-भक्ति से बोए गए जवारों को सिर पर धारण कर माताएं, बहनें और भक्तजन पारंपरिक गीतों की धुन पर थिरकते नजर आए। बाजे-गाजे, गायन और वादन के अनूठे संगम ने पूरे माहौल को भक्तिमय कर दिया। श्रद्धालुओं के चेहरे पर नौ दिनों की भक्ति की खुशी और विसर्जन का उत्साह साफ देखा जा सकता था।

देवांगन पारा की दुर्गा विसर्जन रैली में बही भक्ति की बयार

वहीं दूसरी ओर, देवांगन पारा में विराजीं मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा के विसर्जन के दौरान अनोखा उत्साह देखने को मिला। विसर्जन रैली जब गांव के मुख्य मार्ग से गुजरी, तो समां बांधने का काम भैना समाज ने किया। भैना समाज के युवाओं और बुजुर्गों ने पारंपरिक मांदर वादन और सुमधुर गीतों की प्रस्तुति दी। इस भव्य रैली में देवांगन समाज की माताएं, बच्चियां, बड़े-बुजुर्ग और युवाओं की टोली पूर्ण उत्साह के साथ चल रही थी। विशेषकर युवाओं की टोली का जोश और ऊर्जा इस रैली का मुख्य आकर्षण रही।

तीर लगते ही धू-धू कर जला रावण, आतिशबाजी से गूंजा पातालेश्वर मैदान

संध्या काल में मल्हार के ऐतिहासिक पातालेश्वर मंदिर के पास स्थित मैदान में रावण दहन का पारंपरिक कार्यक्रम आयोजित हुआ। जैसे ही राम और लक्ष्मण का स्वरूप धारण किए युवकों ने रावण के पुतले पर तीर चलाया, पूरा मैदान पटाखों की गूंज और गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा। इस वर्ष रावण दहन को देखने के लिए मल्हार और आसपास के क्षेत्रों से भारी भीड़ उमड़ी थी।

श्रीफल भेंट कर लिया बड़ों का आशीर्वाद

रावण दहन के पश्चात विजयदशमी की एक और खूबसूरत परंपरा देखने को मिली। लोगों ने एक-दूसरे को ‘सोनपत्ती’ (छींउल पत्ता) बांटकर पर्व की बधाई दी और बड़ों के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। वहीं, महिलाओं ने घरों में विशेष पूजा-आरती का आयोजन किया और अपने घर के पुरुषों को तिलक लगाकर, श्रीफल (नारियल) भेंट कर उनके मंगल की कामना की।

मल्हार चौकी पुलिस का सराहनीय योगदान

इतने बड़े आयोजन और भारी जनसैलाब के बीच शांति व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती थी। इस अवसर पर मल्हार चौकी प्रभारी अवदेश सिंह और उनकी पूरी पुलिस टीम मुस्तैद रही। इतनी भारी भीड़ होने के बावजूद पुलिस की सक्रियता और सूझबूझ के कारण पूरा कार्यक्रम बेहद शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। स्थानीय निवासियों और आयोजन समिति ने शांति व्यवस्था बनाए रखने में मल्हार चौकी के इस सराहनीय योगदान की जमकर प्रशंसा की है।

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