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ध्वजा यात्रा या जनसंपर्क का सियासी मंच? कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने बेल्तरा विधायक सुशांत शुक्ला से मांगा जवाब

गणेशदत्त राजू तिवारी की खास रिपोर्ट

बिलासपुर। बेल्तरा विधानसभा क्षेत्र में इन दिनों जारी ‘ध्वज यात्रा’ को लेकर सियासत गरमा गई है। पूर्व जिला पंचायत सभापति और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने यात्रा के प्रचार-प्रसार (फ्लेक्स और वीडियो) पर गंभीर राजनीतिक सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्थानीय भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला से तीखे सवाल करते हुए इस कार्यक्रम का वास्तविक उद्देश्य जनता के सामने स्पष्ट करने की मांग की है।

क्षेत्र का दौरा या ध्वजा यात्रा? विधायक स्थिति स्पष्ट करें: गौरहा

कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने विधायक की कार्यशैली पर निशाना साधते हुए कहा, “विधायक सुशांत शुक्ला पहले खुद यह तय और स्पष्ट कर लें कि वे पंचायतों का शासकीय दौरा कर रहे हैं या कोई धार्मिक ध्वज यात्रा निकाल रहे हैं!”
गौरहा ने आरोप लगाया कि इस कार्यक्रम को लेकर लगातार भ्रम फैलाया जा रहा है; कभी इसे आम जनता और पंचायतों का दौरा बताया जाता है, तो कभी इसे धार्मिक ध्वज यात्रा का नाम दे दिया जाता है। आखिर इस कार्यक्रम का वास्तविक स्वरूप और मूल उद्देश्य क्या है, यह बेल्तरा की जनता जानना चाहती है।

धार्मिक आस्था के आड़ में राजनीतिक संदेश का आरोप

अंकित गौरहा ने प्रचार सामग्री का हवाला देते हुए कहा कि ध्वज यात्रा के विज्ञापनों और फ्लेक्स में धार्मिक संदेशों के ठीक साथ विधायक की बड़ी तस्वीर, उनका पद और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का नाम प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि यह आयोजन विशुद्ध रूप से धार्मिक आस्था और मां महामाया के प्रति समर्पण से जुड़ा है, तो इसमें पार्टी का नाम और राजनीतिक पद चमकाने की क्या आवश्यकता है? क्या इस धार्मिक आयोजन के माध्यम से कोई छिपा हुआ राजनीतिक संदेश देने और सियासी लाभ उठाने की कोशिश की जा रही है?

” धर्म आस्था का विषय है और राजनीति जवाबदेही का “

विधायक को जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारियों की याद दिलाते हुए गौरहा ने कहा कि धर्म पूरी तरह से व्यक्तिगत आस्था का विषय है, जबकि राजनीति सीधे तौर पर जनता के प्रति जवाबदेही का माध्यम है। उन्होंने कहा, “हम सभी धार्मिक आयोजनों का दिल से सम्मान करते हैं, लेकिन जनप्रतिनिधियों को धर्म की आड़ में छिपने के बजाय जनता के बीच जाकर उनके विकास से जुड़े सवालों के जवाब देने चाहिए।”
गौरहा ने आगे कहा कि बेल्तरा विधायक यह साफ करें कि वे इस यात्रा के बहाने मां महामाया के सामने भ्रम की स्थिति पैदा कर रहे हैं या फिर क्षेत्र की भोली-भाली जनता को गुमराह कर रहे हैं।

माँ महामाया के दरबार में लगाई सद्बुद्धि की गुहार

बयान के अंत में कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने जनहित में मां महामाया के दरबार में प्रार्थना की है। उन्होंने कहा, “मेरी मां महामाया से यही प्रार्थना है कि जनता के जो सच्चे जनसेवक हैं, उन्हें जनसेवा का सही मार्ग मिले। वहीं, जो लोग मां महामाया के पवित्र नाम पर राजनीति की रोटियां सेक रहे हैं, उन्हें राजनीति का वास्तविक उद्देश्य और जनता की सेवा करने की सद्बुद्धि मिले।”

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