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मल्हार में आस्था की अनूठी परंपरा: शारदीय नवरात्रि की अष्टमी पर मां डिडनेश्वरी दाई को अर्पित की गई 108 दानों की जोड़ा पोखरा माला

गणेशदत्त राजू तिवारी की खास रिपोर्ट

मल्हार (बिलासपुर): ऐतिहासिक और पुरातात्विक नगरी मल्हार में शारदीय नवरात्रि पर्व के पावन अवसर पर आस्था और परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला। महाअष्टमी की पावन बेला पर नगर के प्रतिष्ठित अग्रहरि परिवार द्वारा आदिम काल से चली आ रही परंपरा का निर्वहन करते हुए मां भगवती पार्वती डिडनेश्वरी दाई को कमल के फूल से निर्मित अत्यंत शुभ माने जाने वाली पोखरा की 108 दानों की विशेष जोड़ा माला अर्पित की गई।
यह अनुपम जोड़ा माला अग्रहरि परिवार की महिला सदस्यों—श्रीमती सरिता गुप्ता, श्रीमती रिचा सौरभ गुप्ता एवं श्रीमती रश्मि गुप्ता द्वारा विशेष रूप से तैयार की गई थी। मंदिर प्रांगण में आयोजित भक्तिमय गरिमामयी कार्यक्रम के दौरान मल्हार चौकी प्रभारी अवधेश सिंह, क्षेत्र के प्रख्यात कवि, लेखक व सेवानिवृत्त प्रधानपाठक डॉ. एस. एन. गुप्ता, कांग्रेस प्रवक्ता गणेशदत्त राजू तिवारी तथा मंदिर ट्रस्ट के सचिव संतोष कैवर्त की गरिमामयी उपस्थिति में माता रानी को यह विशेष माला श्रद्धापूर्वक पहनाई गई।
कमल पुष्प के पोखरा का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कमल के फूल से निकलने वाली पोखरा को अत्यंत शुभ और मंगलकारी माना जाता है। कहा जाता है कि पोखरा माता डिडनेश्वरी दाई को अत्यंत प्रिय है। इसी श्रद्धा के वशीभूत होकर गुप्ता परिवार द्वारा वर्षों पूर्व से निरंतर माता रानी के चरणों में पोखरा माला अर्पित करने की यह समृद्ध परंपरा निभाई जा रही है।
इस पावन और भव्य धार्मिक आयोजन के दौरान मंदिर ट्रस्ट के सम्मानीय सदस्यों सहित अनिल कैवर्त, दुखीराम कैवर्त, रामहरी कैवर्त, महेश्वर कैवर्त, जतन कैवर्त और चंदू कैवर्त सहित बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु एवं डिडनेश्वरी मां ट्रस्ट के पदाधिकारी व गणमान्य नागरिक मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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