गणेशदत्त राजू तिवारी की रिपोर्ट
मल्हार :छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक नगरी मल्हार के विश्व प्रसिद्ध भगवती मां डिडिनेश्वरी देवी के इतिहास में पूर्व सीएसपी बी. एस. परिहार का योगदान अत्यंत अतुलनीय और ऐतिहासिक माना जाता है!
जिन्होंने वर्ष 1991 में मंदिर से चोरी हुई मां डिडिनेश्वरी की बहुमूल्य प्रतिमा को सुरक्षित बरामद करने में मुख्य भूमिका निभाई थी! उनके साहसिक योगदान के लिए आज भी मल्हार ऋणी है!
बी. एस. परिहार सर के नेतृत्व में पवित्र प्रतिमा को सुरक्षित 31 मई 1991 में पुनः मंदिर में पुनस्थापना किया गया! आज भी परिहार साहब को एक ऐसे नायक के रूप में याद किया जाता है जिन्होंने लाखों भक्तो की धार्मिक आस्था को खंडित होने से सुरक्षित बचा लिया! तब से लेकर आजतक उनकी आस्था मल्हार की डिडिनेश्वरी देवी की चरणों में जुडी हुई है आजभी मल्हार में मां की पहली घृत की ज्योति परिहार साहब के नाम से प्रज्वलित होती है और आजभी ओ मां के दर्शन पाने इंदौर से मल्हार पहुंचते है और आशीर्वाद प्राप्त करते है!
इस वर्ष भी परिहार साहब नवरात्र के षष्ठी तिथि को मां के दरबार इंदौर से मल्हार पहुंचे और मां का आशीर्वाद प्राप्त किया!
इस अवसर पर मल्हार के वरिष्ठ कवि शेषनारायण गुप्ता, वरिष्ठ पत्रकार संजीव पांडेय, कांग्रेस के प्रवक्ता गणेशदत्त राजू तिवारी, मंदिर समिति के संतोष कैवर्त, रामहरि कैवर्त, रामेश्वर कैवर्त, सहित मल्हार मां डिडिनेश्वरी मंदिर के सदस्यों ने माता की चुनरी श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया!

