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मल्हार में धूमधाम और शांतिपूर्ण ढंग से हुआ मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन, भक्तिमय माहौल में संपन्न हुआ शारदीय नवरात्र

            गणेशदत्त राजू तिवारी की खास रिपोर्ट

मल्हार (छत्तीसगढ़)। ऐतिहासिक और पुरातात्विक धरोहरों की प्राचीन नगरी नगर पंचायत मल्हार में शारदीय नवरात्र पर्व अत्यंत धूमधाम, हर्षोल्लास और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। विभिन्न दुर्गा उत्सव समितियों द्वारा मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन पूर्ण विधि-विधान और विसर्जन यात्रा के साथ किया गया।

भक्ति के सागर में डूबा रहा पूरा नगर

इस वर्ष नवरात्र पर्व के दौरान मल्हार नगर में अद्भुत भक्तिमय माहौल देखने को मिला। मां डिडिनेश्वरी मंदिर में इस वर्ष श्रद्धालुओं की भारी आस्था उमड़ी, जहां 41 जंवारा कलश, 271 घृत (घी) ज्योति कलश और 3931 तेल ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए थे। इसके साथ ही मल्हार के वार्ड नंबर 9 में जंवारा कलश स्थापना के अलावा नगर के विभिन्न चौक-चौराहों पर 15 भव्य पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं। नौ दिनों तक पूरा नगर माता की भक्ति के सागर में सराबोर रहा।

आकर्षण का केंद्र रही दिव्य अलौकिक झांकी और शोभायात्रा

मां डिडिनेश्वरी मंदिर समिति द्वारा इस वर्ष एक विशेष पहल की गई। मंदिर समिति की ओर से दिव्य व अलौकिक झांकी के साथ भव्य ज्योति कलश शोभायात्रा निकाली गई। इस अलौकिक दृश्य को देखने और ज्योति दर्शन करने के लिए मल्हार नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर माता के दर्शन किए और झांकी का भरपूर आनंद लिया।

युगों-युगों से विराजमान हैं कल्पकेदारेश्वर और मां डिडिनेश्वरी: डॉ. शेषनारायण गुप्ता

नगर के प्रतिष्ठित साहित्यकार, कवि और रेडियो प्रसारण के प्रवक्ता डॉ. शेषनारायण गुप्ता ने मल्हार की महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा, “मल्हार नगर ऐतिहासिक और पुरातात्विक धरोहरों को अपने आंचल में समेटे हुए एक अत्यंत प्राचीन नगरी है। यहाँ युगों-युगों से भगवान कल्पकेदारेश्वर और मां भगवती डिडिनेश्वरी (डिडिंगदाई) विराजमान हैं, जिनकी महिमा देश-विदेश में फैली हुई है। यह एक महान धार्मिक और ऐतिहासिक नगर है। जो भी श्रद्धालु यहाँ सच्ची श्रद्धा और मनोकामना लेकर आता है, उसकी हर मुराद माँ पूरी करती हैं।”

प्रधानमंत्री की ‘मन की बात’ में भी गूंज चुका है मल्हार का नाम: संजीव पांडेय

पुरातत्ववेत्ता और वरिष्ठ पत्रकार संजीव पांडेय (जिनके कार्यों और प्राचीन लिपि ताम्रपत्र की चर्चा स्वयं माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में की थी) ने मल्हार के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “मल्हार ऐतिहासिक धरोहरों की एक समृद्ध खान है। यहाँ प्राप्त शिलालेख और प्राचीन चतुर्भुजी विष्णु प्रतिमा अत्यंत दुर्लभ हैं। यह पूरे भारत में इकलौती ऐसी अनूठी प्रतिमा है जो केवल मल्हार में मिली है। यहाँ ऐसी कई प्रतिमाएं हैं जो देश-विदेश में मल्हार का गौरव बढ़ा रही हैं।” इसके साथ ही उन्होंने जोर देकर कहा कि शासन-प्रशासन और पुरातत्व विभाग को मल्हार की ओर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि इस ऐतिहासिक धरोहर का मान वैश्विक पटल पर और अधिक स्थापित हो सके।

पर्यटन के नक्शे पर उपेक्षित है मल्हार, शासन से पहल की मांग: गणेशदत्त राजू तिवारी

नगर के प्रबुद्ध नागरिक गणेशदत्त राजू तिवारी ने मल्हार के विकास और पर्यटन की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इतनी समृद्ध ऐतिहासिक और पुरातन पृष्ठभूमि होने के बावजूद आज मल्हार पर्यटन के मामले में बहुत पीछे छूट गया है। उन्होंने मांग की कि ताला, शिरपुर, रतनपुर और मदकूदीप की तर्ज पर मल्हार को भी एक प्रमुख पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए शासन-प्रशासन को तत्काल ठोस पहल करनी चाहिए।

शारदीय नवरात्र के समापन और विसर्जन के दौरान स्थानीय प्रशासन, पुलिस बल और सभी दुर्गा उत्सव समितियों के पदाधिकारियों व नगरवासियों का सराहनीय सहयोग रहा, जिससे पूरा पर्व शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

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