सीएम से पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग की *गणेशदत्त राजू तिवारी कि रिपोर्ट*
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के वर्ष 2027-28 की 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षाओं के लिए जारी नए निर्देश का छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ ने विरोध किया है। संघ के जिला अध्यक्ष रामदास गंधर्व ने कहा कि मुख्य परीक्षा केंद्रों के विद्यार्थियों को जरूरत के अनुसार दूसरे केंद्रों में परीक्षा दिलाने की व्यवस्था पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री और मंडल प्रशासन से निर्देश वापस लेकर पूर्व की व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।
गंधर्व के अनुसार, बोर्ड परीक्षाएं सुबह 9:15 से दोपहर 12:15 बजे तक होती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा की कमी के कारण दूसरे केंद्रों पर परीक्षा देने जाने वाले
विद्यार्थियों को परेशानी हो सकती है। उन्होंने कहा कि कई विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ सकती है। व संघ अध्यक्ष ने आशंका जताई कि =च नई व्यवस्था से ग्रामीण, आदिवासी व और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। उन्होंने छात्राओं की सुरक्षा, सड़क दुर्घटनाओं की आशंका और परीक्षा के दौरान होने वाले मानसिक दबाव को लेकर भी चिंता जताई। गंधर्व ने कहा कि विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए परीक्षा केंद्रों की पूर्व व्यवस्था कायम रखी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि भविष्य में विद्यार्थियों से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले शिक्षक संगठनों और अभिभावकों से चर्चा की जाए।
