नई दिल्ली/मस्तुरी:
देश में लोकतंत्र की मजबूती, संविधान की रक्षा और चुनाव प्रणाली में पारदर्शिता को लेकर कांग्रेस का देशव्यापी संघर्ष तेज हो गया है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के मस्तुरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक दिलीप लहरिया और मस्तुरी ब्लॉक अध्यक्ष भोलाराम साहू के नेतृत्व में भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता नई दिल्ली पहुंचे। यहाँ उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आह्वान पर आयोजित विशाल विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया और एकजुटता का संकल्प दोहराया।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और ‘वोट चोरी’ के खिलाफ खोला मोर्चा
नई दिल्ली में आयोजित इस आंदोलन के दौरान मस्तुरी के जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की पुरजोर मांग की। कांग्रेस नेताओं ने ‘वोट चोरी’ और चुनाव प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर “संविधान बचाओ, देश बचाओ” के गगनभेदी नारे लगाए और निष्पक्ष चुनाव प्रणाली की बहाली की मांग की।
राहुल गांधी के नेतृत्व में संघर्ष का संकल्प
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए और मीडिया से चर्चा में विधायक दिलीप लहरिया ने कहा कि देश का संविधान और लोकतंत्र इस समय सबसे बड़े खतरे में हैं। उन्होंने कहा, “नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता संविधान की रक्षा और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए आखिरी सांस तक संघर्ष करेगा। हम जनता के वोटों की चोरी नहीं होने देंगे।”
ब्लॉक अध्यक्ष भोलाराम साहू ने भी कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि मस्तुरी ब्लॉक से आए कार्यकर्ताओं का यह जोश यह साबित करता है कि जनता अब जागरूक हो चुकी है और तानाशाही ताकतों के खिलाफ यह संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
इस प्रदर्शन में छत्तीसगढ़ के मस्तुरी क्षेत्र से आए सैकड़ों सक्रिय कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल रहे, जिन्होंने दिल्ली की सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज बुलंद की।

